गांव वजीरपुर में वैन में लगी आग के कारण मारे गए तीनों बच्चों के शवों का शुक्रवार को राजकीय बादशाह खान अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि तीनों की मृत्यु धुएं के कारण दम घुटने से हुई थी। घटना के बाद पुलिस की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया है। सीन ऑफ क्राइम टीम की अधिकारी डा. मनीषा शुक्रवार सुबह 11 बजे के आसपास घटनास्थल पर पहुंची थीं। उनके साथ थाना भूपानी प्रभारी सत्यवीर सिंह भी थे। उन्होंने उस वैन का बारीकी से निरीक्षण किया, जिसमें आग लगी थी। थाना प्रभारी सत्यवीर सिंह ने बताया कि सीन ऑफ क्राइम टीम की अधिकारी ने आशंका व्यक्त की है कि आग वैन में लगी सीट में मौजूद फॉम से भड़की होगी। आशंका यह भी व्यक्त की जा रही है कि बृहस्पतिवार शाम को शीतलहर के कारण ठंड अधिक थी। ऐसे में बच्चों द्वारा वैन के अंदर सर्दी से बचने के लिए घास-फूस जलाए जाने की आशंका भी उभर रही है। हालांकि ये सभी संभावनाएं हैं, इनकी पुष्टि नहीं की जा सकती। मालूम हो कि बृहस्पतिवार की शाम को गांव वजीरपुर में रहने वाले विजय की तीन साल की बेटी विशाखा, महकूलाल का 8 वर्षीय बेटा दिनेश और मट्टो मंडल का 10 वर्षीय बेटा कुनाल खेत के बीच में खड़ी एक कंडम वैन में आग लगने से झुलस गए थे। इस घटना में तीनों की मौत हो गई थी।